दुर्गा मानस पूजा

मानस-पूजा के नियम हिन्दुओं की पूजा का मुख्य ध्येय अपने स्वरूप- मन, बुद्धि, चित्त और ‘अहङ्कार’ को क्रमशः प्रकाशित करना है । अस्तित्व के विभिन्न स्तरों को देखते ही हिन्दुओं ने विविध भावना-मयी पूजन-विधियों की रचना की है । इन सबमें ‘मानस-पूजन’ सबसे उत्तम पूजन-विधि है । इसमें बाह्यत्व का सर्वथा अभाव रहता है तथाContinue reading “दुर्गा मानस पूजा”

भाग्योदय मंत्र-

Mantra For Good Luck: सोया हुआ भाग्य जगा देगा ये चमत्कारी मंत्र, नियमित जाप से हो सकता है सभी दुखों का नाश Mantra For Good Luck: संसार में हर व्यक्ति की किस्मत एक जैसी नहीं होती, अपने कर्मों और मेहनत के आधार पर ही उसके जीवन की स्थिति बनती है। हां कुछ लोगों का भाग्यContinue reading “भाग्योदय मंत्र-“

स्वस्ति वाचन

कोई भी शुभ कार्य प्रारम्भ करते समय मंगल कामना की जाती है, जिसके हेतु गणपति महाराज और माँ भगवती-अम्बिका का ध्यान किया जाता है।  स्वस्तिवाचन स्वस्तिक मंत्र शुभ और शांति के लिए प्रयुक्त होता है। स्वस्ति = सु + अस्ति = कल्याण हो। इससे हृदय और मन मिल जाते हैं। मंत्रोच्चार करते हुए दर्भ से जल के छींटेContinue reading “स्वस्ति वाचन”

शिव चालीसा

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ।।जय गिरिजा पति दीन दयाला ।सदा करत सन्तन प्रतिपाला ।।भाल चन्द्रमा सोहत नीके ।कानन कुण्डल नागफनी के ॥अंग गौर शिर गंग बहाये ।मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे ।छवि को देखि नाग मन मोहे ॥मैना मातु की हवे दुलारी ।बाम अंगContinue reading “शिव चालीसा”

Check out this post… “लिंगाष्टक स्तोत्र”.

ब़ह्मामुरारिसुरार्चितलिंग निर्मलभासित शोभितलिंगम ।जन्मजदु:खविनाशकलिंगं तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम ।।1।। देवमुनिप्रवरार्चितलिंगं कामदहं करुणाकरलिंगम ।रावणदर्पविनाशन लिंगं तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम ।।2।। सर्वसुगंधिसुलेपित लिंगं बुद्धि विवर्धनकारणलिंगम ।सिद्धसुरासुरवंदितलिंगं तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम ।।3।। कनकमहामणिभूषितलिंगं फणिपति वेष्टित शोभितलिंगम ।दक्षसुयज्ञविनाशकलिंगं तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम ।।4।। कुंकुमचन्दनलेपितलिंगंं पंकजहारसुशोभितलिंगम ।संचितपापविनाशनलिंगं तत्प्रणमामि सदा शिवलिंगम ।।5।। देवगणार्चितसेवितलिंगं भावैर्भक्तिभिरेव च लिंगम ।दिनकरकोटिप्रभाकर लिंगम पत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम ।।6।। अष्टदलोपरिवेष्टितलिंगम सर्वसमुद्भवकारणलिंगम ।अष्टदरिद्र विनाशितलिंगम तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगमContinue reading “Check out this post… “लिंगाष्टक स्तोत्र”.”

सर्वारिष्ट निवारण स्तोत्र

(इस स्तोत्र को श्रद्धापूर्वक करने से सभी अरिष्टों का नाश होता है। अधिक लाभ के लिए इस स्तोत्र से नित्य हवन करें तथा ‘स्वाहा’ के उच्चारण के साथ गाय के घी की आहुति छोड़ें।) सर्वारिष्ट निवारण स्तोत्र पाठॐ गं गणपतये नम:। सर्वविघ्न विनाशनाय, सर्वारिष्ट निवारणाय, सर्वसौख्यप्रदाय, बालानां बुद्धिप्रदाय, नानाप्रकार धन वाहन भूमि प्रदाय, मनोवांछित फलप्रदायContinue reading “सर्वारिष्ट निवारण स्तोत्र”

श्री शनि चालीसा

Shani Chalisa : श्री शनि चालीसा, साढेसाती और शनि दशा में नियमित करें पाठ दोहाजय-जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महराज।करहुं कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज।। चौपाईजयति-जयति शनिदेव दयाला।करत सदा भक्तन प्रतिपाला।।चारि भुजा तन श्याम विराजै।माथे रतन मुकुट छवि छाजै।।परम विशाल मनोहर भाला।टेढ़ी दृष्टि भृकुटि विकराला।।कुण्डल श्रवण चमाचम चमकै।हिये माल मुक्तन मणिContinue reading “श्री शनि चालीसा”

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